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Guru Purnima 2018 Date~गुरु पूर्णिमा
Guru Purnima 2018 Date~गुरु पूर्णिमा
This year's Guru Purnima 2018 Date~गुरु पूर्णिमा
Friday
Guru Purnima~गुरु पूर्णिमा in year 2018 will be celebrated on Friday, July 27th, 2018

गुरु ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुदेव महेश्वर: । गुरु साक्षात्परब्रह्म तस्मैश्री गुरुवे नम: ।।

उपर्युक्त लिखित पंक्तियाँ, किसी व्यक्ति के जीवन में एक शिक्षक के महत्व का पूर्णतः वर्णन करती हैं। भारतीय हिन्दू विक्रमी सम्वत के आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन का उत्सव मनाने की परंपरा प्राचीन काल से है जब छात्रों को गुरुकुल में शिक्षा दी जाती थी। इस दिन, गुरुओ का पूजन किया जाता है। शिक्षकों को विशेष स्वागत और सम्मान दिया जाता है। इस दिन व्यक्ति को सुबह जल्दी उठना चाहिए और अपने सभी नियमित काम स्नान आदि को पूरा करना चाहिए। फिर उसे अपने गुरु से मिलने जाना चाहिए। गुरु को एक उच्च पद पर बैठना चाहिए और सम्मान प्रदान करना चाहिए। किसी व्यक्ति की क्षमता के अनुसार, धन, फल, फूल, कपड़े इत्यादि दान किया जाना चाहिए।

गुरु पूर्णिमा का महत्व : गुरु पूजन व्यक्ति के ज्ञान को बढ़ाता है। भारत एक प्राचीन और पारंपरिक देश है। यहां,गुरु की पूजा भगवान से पहले की जाती है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर, गुरु को सम्मान दिया जाता है और उन्हें गुरु दक्षिणा अर्पण करके उनका आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस अवसर पर विश्व के गुरु व्यास नारायण की पूजा की जाती है। इसलिए, गुरु पूजा के इस दिन को व्यास पूजा कहा जाता है। जीवन में ज्ञान और अच्छाई के मार्ग पर चलने के लिए, गुरु होना आवश्यक है। इस दिन गुरु पूर्णिमा उत्सव, जोकि महर्षि व्यास का जन्मदिवस् भी है को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस दिन गुरु की पूजा करना और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना बहुत शुभ माना जाता है। गुरु के आशीर्वाद से, एक व्यक्ति आध्यात्मिक पथ पर चलता है। गुरु और शिष्य के बीच संबंध पूर्णतः आध्यात्मिक बंधन है जो उनकी उम्र से प्रभावित नहीं होता। भक्ति का यह संबंध परिपक्वता और मानवता पर आधारित है। शिष्य को सदैव यह अनुभव करना चाहिए कि गुरु के मार्गदर्शन से उसकी आध्यात्मिकता का विकास होगा और शिक्षक को अपने शिष्य के मानसिक कल्याण के विषय में सोचना चाहिए।गुरु पूजा शिक्षक और शिष्य के बीच आध्यात्मिक संबंध में समर्पण का एक दिन है। यदि शिक्षक मानवता के महत्व के बारे में शिष्य को न बताते और उन्हें आत्मा का ज्ञान न कराते, तो कोई भी मानव जीवन में आत्मिक विकास और संतुष्टि के महत्व को न देखता।

गुरु पूर्णिमा उत्सव : गुरु पूर्णिमा के दिन का कृषि क्षेत्र में भी अति महत्व है, व्यास पूर्णिमा को परिपक्व वायु परीक्षण किया जाता है। जोकि मॉनसून के दौरान कृषि और बागवानी के कार्यो के लिए अत्यंत उपयोगी है।व्यास पूर्णिमा को वायु परीक्षण के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन मानसून का परीक्षण करके नई फसलों के लिए भविष्यवाणी की जाती है। इसी आधार पर अगले 4 महीनों के लिए सूखे और बाढ़ की स्थिति का अनुमान लगाया जाता है। भारत कृषि प्रधान देश है। इसलिए, यह दिन और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

महर्षि व्यास जिन्होंने महान ग्रंथ, महाभारत की रचना की, के जन्मोत्सव के उपलक्ष में महर्षि व्यास जयंती मेले का आयोजन किया जाता है। महर्षि व्यास ने महाभारत के साथ 18 पुराण, श्रीमद् भागवत, ब्रह्मा सूत्र, मिमांसा इत्यादि भी लिखे।वह ज्योतिष के पिता कहे जाने वाले ऋषि पराशर के पुत्र थे। श्रीमद् भागवत गीता महाभारत का भाग हैं। गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर, देश के विभिन्न भागो में मेलो का आयोजन किया जाता है। गुरु को उनके भगवान् से मिलने का रास्ता बताने वाले गुणों और योग्यता के कारण भगवान से उच्च स्थान दिया जाता है जो गुरु पूर्णिमा के महत्व को दर्शाता है। गुरु को ब्रह्मा भी कहा जाता है, और शिक्षक भी अपने छात्रों को एक नया जन्म देता है। गुरु सच्चे महादेव है क्योंकि वह अपने शिष्य द्वारा किए गए सभी दोषों को क्षमा कर देते है।

भारत में, गुरु को आध्यात्मिक, धार्मिक और राजनीतिक महत्व दिया जाता है।परेशानी के समय, गुरुओ ने इस देश के लिए एक नया रास्ता दिखाया है। वे सिर्फ एक शिक्षक नहीं बल्कि, वे व्यक्ति को बताते हैं कि किसी भी प्रकार की समस्या और खतरे से कैसे बाहर निकलना है। गुरु एक व्यक्ति को अंधेरे से प्रकाश की और लाता है। सरल शब्दों में, उन्हें ज्ञान का भण्डार भी कहा जा सकता है।


गुरु ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुदेव महेश्वर: । गुरु साक्षात्परब्रह्म तस्मैश्री गुरुवे नम: ।।

The above written lines, fully describe the significance of a teacher in life of a person. The Purnima of Ashad Shukla Paksha is called Guru Purnima. It is also called Vyas Purnima. Tradition of celebrating this day is carried on since ancient days when students used to have education in Gurukul. This day, Pujan of teachers is performed. There are given special welcoming and respect. Person should wake up early in the morning and complete all his routine work like bathing etc. Then he should go to meet his teacher. Guru should be seated on a high pew and given respect. Money, fruits, flowers, clothes etc. should be donated, according to the capability of an individual.

Significance of Guru Purnima
: Worshipping teacher increases wisdom of an individual. India is an ancient and traditional country. Here, Guru is worshipped before God. On Guru Purnima, teacher is given respect and their blessing are taken by offering them Guru Dakshina. Guru Purnima is also known as Vyas Purnima. On this occasion Vyas Narayana, the Guru of world is worshiped. Hence, this day of Guru Puja is called Vyas Puja. In order to walk on the path of knowledge and goodness in life, it is must to have a teacher. Guru Purnima Utsav On Guru Purnima, birthday of Maharishsi Vyas is celebrated in whole with full excitement.

It is considered auspicious to worship Guru and have their blessings on this day. By the blessings of Guru, a person leads his life on a spiritual path. The relationship between Master and disciple is purely a spiritual connection which is not effected by their ages. This relationship of devotion is based on maturity and manhood. Student should always have a feeling that by the guidance of master, he will have a spiritual growth and teacher should think to do the mental welfare of his disciple. Guru Puja is a day of bowing to the spiritual connection between teacher and student. If teacher would not have told about the significance of becoming a human and the made them have the knowledge of soul, then no one would have had the vision of soul.

Celebrations on Guru Purnima : Guru Purnima Agricultural Importance On the day of Guru Purnima that is Vyas Purnima, natures air test is taken. It is useful for agricultural and gardening work during monsoon. Vyas Purnima is considered favorable for air test. This day, prediction is made for the new crops by testing monsoon. And, drought and flood condition for the next 4 months is forecasted. India is country of agriculture. Hence, this day becomes more significant.

Maharishi Vyas Jayanti Mela Maharishi Vyas composed the great Granth, Mahabharata. Additionally, he wrote 18 Puranas, Srimad Bhagwat, Brahma Sutra, Mimansa etc. He was the son of Rishi Parashar, father of astrology. Srimad Bhagwat Geeta is a part of Mahabharata. On this occasion of Guru Purnima, fair are organised in many parts of the country. Guru Purnima Importance Guru is given a higher position then God, because of his qualities and qualification. Guru is called Brahma. Teacher gives a new birth to his students. Guru is true Mahadev because he forgives all flaws done by his disciple.

In India, Guru is given spiritual, religious and political significance. During the times of trouble, teachers have shown a new path to this nation. They do not just a teacher but, they tell a person that how to come out from any kind of problem and danger. Guru takes an individual to light from darkness. In simple words, he can be called the mass of knowledge.
 
 
 
 
 
 
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