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Kumbh Mela~कुम्भ मेला

Kumbh Mela is a mass Hindu pilgrimage in which Hindus gather at the Ganges, river Godavari and river Kshipra, where bathing for purification from sin is considered especially efficacious.The Ardh (half) Kumbh Mela is celebrated every six years at Haridwar and Allahabad, the Purna (complete) Kumbh takes place every twelve years, at four places Allahabad, Haridwar, Ujjain, and Nashik. The Maha (great) Kumbh Mela which comes after 12 'Purna Kumbh Melas', or 144 years, is held at Allahabad.


Celebration TimingsKumbh Mela is celebrated at different locations depending on the position of the planet of Bṛhaspati (Jupiter) and the sun. When Jupiter and the sun are in the zodiac sign Leo (Simha Rashi) it is held in Trimbakeshwar, Nashik; when the sun is in Aries (Mesha Rashi) it is celebrated at Haridwar; when Jupiter is in Taurus (Vrishabha Rashi ) and the sun is in Capricorn (Makar Rashi) Kumbha Mela is celebrated at Prayag; and Jupiter and the sun are in Scorpio (Vrishchik Rashi) the Mela is celebrated at Ujjain. Each site's celebration dates are calculated in advance according to a special combination of zodiacal positions of Sun, Moon, and Jupiter.


कुंभ पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल- हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक- में स्नान करते हैं। इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रति बारहवें वर्ष इस पर्व का आयोजन होता है। हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ होता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे बसा इलाहाबाद भारत का पवित्र और लोकप्रिय तीर्थस्थल है। इस शहर का उल्लेख भारत के धार्मिक ग्रन्थों में भी मिलता है। वेद, पुराण, रामायण और महाभारत में इस स्थान को प्रयाग कहा गया है। गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का यहाँ संगम होता है, इसलिए हिन्दुओं के लिए इस शहर का विशेष महत्त्व है। 12 साल बाद यहाँ कुम्भ के मेले का आयोजन होता है। कुम्भ के मेले में 2 करोड़ की भीड़ इकट्ठा होने का अनुमान किया जाता है जो सम्भवत: विश्व में सबसे बड़ा जमावड़ा है ।

 
 
 
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