ढैया व साढ़ेसाती में लाभ : शनि स्त्रोत, शनि मंत्र, शनि वज्रपिंजर कवच तथा महाकाल शनि मृत्युंजय स्त्रोत का पाठ करने से जिन जातकों को शनि की साढ़ेसाती व ढैया चल रहा है, उन्हें मानसिक शांति, कवच की प्राप्ति तथा सुरक्षा के साथ भाग्य उन्नति का लाभ होता है। सामान्य जातक जिन्हें ढैया अथवा साढ़ेसाती नहीं है, वे शनि कृपा प्राप्ति के लिए अपंग आश्रम में भोजन तथा चिकित्सालय में रुग्णों को ब्रेड व बिस्किट बांट सकते हैं। * महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख जप (नित्य 10 माला, 125 दिन) करें- - ॐ त्र्यम्बकम्* यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्*। * शनि के निम्न मंत्र का 21 दिन में 23 हजार जप करें - - ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः। * पौराणिक शनि मंत्र : - ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्*। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्*। * टोटका - शनिवार के दिन उड़द, तिल, तेल, गु़ड का लड्डू बना लें और जहां हल न चला हो वहां गाड़ दें। |