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Vasant Panchami~वसंत पंचमी


हिंदू धर्म एक धर्म के बजाय जीवन जीने का एक तरीका है। हिंदू धर्म का पालन करने वाले लोगों का देवी-देवताओं पर दृढ़ विश्वास है, जिनकी पूजा और अनुष्ठान वे विभिन्न अवसरों पर करते हैं। वसंत पंचमी ( बसंत पंचमी ) एक त्योहार है जो देवी सरस्वती की पूजा व् आशीर्वाद का दिन है और साथ ही यह वसंत (वसंत ऋतु) की शुरुआत का प्रतीक भी है।

माघ शुक्ल पक्ष यह आमतौर पर जनवरी या फरवरी के महीने में पड़ता है और वसंत पंचमी के दिन के रूप में जाना जाता है और इसे पश्चिम बंगाल में श्री पंचमी या सरस्वती पूजा के रूप में भी मनाया जाता है और कुछ अन्य भागों जैसे उड़ीसा में भी इसका काफी महत्व है।

इस दिन देवी सरस्वती की पूजा विभिन्न जगहों पर भिन्न भिन्न नामों और त्यौहारों के साथ की जाती है - विद्या की देवी, गायत्री की देवी, ललित कलाओं और विज्ञान का फव्वारा, और परम वैदिक ज्ञान का प्रतीक आदि।

देवी सरस्वती की छवि एक परम शक्ति के प्रतीक वाहन पर बैठकर उन्हें दर्शाती है। सरस्वती का सफेद हंस सदगुण (शुद्धता और भेदभाव) का प्रतीक है, लक्ष्मी का कमल रजस गुण और दुर्गा का बाघ तामस गुण का प्रतीक है। सरस्वती को चार हाथों वाली देवी और "वीणा" बजाते हुए चिन्हित किया गया है, जो की एक भारतीय वाद्ययंत्र है।

 

इतिहास

जैसा कि मान्यता है कि, सरस्वती पूजा का पर्व देवी सरस्वती के जन्म का मूल है, जबकि लोक कथाओ के अनुसार कवि कालीदास का आदर प्रकट करने के लिए भी इस दिन को मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त, पौराणिक ग्रंथो के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने इस दिन ब्रह्मांड का निर्माण किया था।

त्यौहार के समक्ष एक और दिलचस्प कथा है जो श्रृंगार रस के बारे में है - प्रेम, आकर्षण और सुंदरता के बारे में एक कहानी। पौराणिक लोककथाओं के अनुसार, कामदेव की पत्नी रति ने अपने पति को वापस लाने के लिए चालीस दिनों की कठिन तपस्या की, जिसे भगवान शिव ने त्रिनेत्र से भस्म कर दिया था। बसंत पंचमी के दिन ही शिव ने कामदेव को पुनः जीवित किया था। यही कारण है कि, प्रेम और इच्छा के देवता, कामदेव को उनकी पत्नी रति के साथ बसंत पंचमी पर पूजा जाता है।

 

वसंत पंचमी का उत्सव

वसंत पंचमी को प्रेम के हिंदू देवता काम के उत्सव के रूप में भी चिन्हित किया जाता हैं। यथार्थ में, इस दिन काम और उनकी पत्नी रति की पूजा और मन्नत मांगी जाती है। यह माना जाता है कि वसंत के दौरान प्रकृति की सुंदरता रमणीय और मनमोहक होती है। इस प्रकार, विवाह, नामकरण संस्कार (नवजात बच्चे के नाम) और गृहप्रवेश (एक नए घर में एक जाने से पहले की जाने वाली रस्म) जैसे क्रियाकलापों के लिए यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। वास्तव में, यह एक ऐसा दिन माना जाता है कि कोई भी मुहूर्त का हवाला दिए बिना समारोह कर सकता है बिना किसी की अनुमति के।

वसंत पंचमी या सरस्वती पूजा का पर्व बहुत उत्साह व् उमंग के साथ मनाया जाता है और हिंदू मंदिर व् घर इस इस दिन चहल पहल से भरे होते हैं। यह स्कूली बच्चों के लिए भी एक विशेष दिन है क्योंकि वे इसे बड़ी श्रद्धा से देखते हैं।

 



Hinduism is a way of living life rather than a religion. People following Hinduism have strong faith in the deities whose worship and rituals they perform on various occasions. Vasant Panchami (Basant Panchami) is a festival which is a day of worship and blessing of Goddess Saraswati as well as it marks the beginning of Vasantha (spring season).

Magha Shukla Paksha It usually falls in the month of January or February and is known as the day of Vasant Panchami and is also celebrated as Sri Panchami or Saraswati Puja in West Bengal and in some other parts like Orissa. It is very important.

On this day Goddess Saraswati is worshiped at different places with different names and festivals - goddess of learning, goddess of Gayatri, fountain of fine arts and science, and symbol of ultimate Vedic knowledge.

The image of Goddess Saraswati depicts her sitting on a vehicle symbolizing the ultimate power. The white swan of Saraswati is a symbol of the seven gunas (purity and discrimination), the lotus of Lakshmi is the symbol of the Rajas guna and the tiger Tamas guna of Durga. Saraswati is depicted playing a four-handed goddess and playing "Veena", an Indian musical instrument.

 

History

As it is believed, the festival of Saraswati Puja is the origin of the birth of Goddess Saraswati, while according to folk tales, this day is also celebrated to honor the poet Kalidas. Additionally, according to mythological texts, Lord Brahma created the universe on this day.

Another interesting story before the festival is about Shringar Ras - a story about love, charm and beauty. According to mythological folklore, Rama, the wife of Kamadeva, performed forty days of hard penance to bring back her husband, who was consumed by Lord Shiva with Trinetra. On the day of Basant Panchami, Shiva revived Kamdev. This is why, the God of love and desire, Kamadeva is worshiped on Basant Panchami along with his wife Rati.

 

Celebration of Vasant Panchami

Vasant Panchami is also marked as a celebration of Kama, the Hindu god of love. In reality, on this day, worship and vows are sought for Kama and his wife Rati. It is believed that the beauty of nature during spring is delightful and enchanting. Thus, this day is considered very auspicious for activities like marriage, naming ceremony (newborn baby names) and grihapravesha (a ritual performed before moving to a new home). In fact, it is considered a day that anyone can perform a ceremony without citing the Muhurta without anyone's permission.

The festival of Vasant Panchami or Saraswati Puja is celebrated with great enthusiasm and Hindu temples and houses are full of chahal initiative on this day. It is also a special day for school children as they watch it with great reverence.

 
 
 
Comments:
Posted Comments
 
"mesh raashi k lye upay btaiye naukari or parivar m sukh shanti k lye"
Posted By:  Rajeev
 
 
 
Festival SMS

Saraswathi Namasthubhyam,
Varadey Kaamarupinee!
Vidhyarambham Karishyami,
Sidhir bhavathu mey sada !
Happy Saraswati Jayanti


 
 
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