Subscribe for Newsletter
सुन्दरकाण्ड - सुन्दरकाण्ड
भाग - 38

दो0- सचिव बैद गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस ।
राज ध्र्म तन तीनि कर होइ बेगिहीं नास ।। 37 ।।

सोइ रावन कहुँ बनी सहाई । अस्तुति करहिं सुनाइ सुनाई ।।
अवसर जानि बिभीषनु आवा । भ्राता चरन सीसु तेहिं  नावा ।।
पुनि सिरू नाइ बै निज आसन । बोला  बचन पाइ अनुसासन ।।
जौ कृपाल पूँछिहु मोहि बाता। मति अनुरूप कहउँ हित ताता ।।
जो आपन चाहै कल्याना । सुजसु सुमति सुभ गति सुख नाना ।।
सो परनारि लिलार गोसाईं । तजउ चउथि  के चंद कि नाईं ।।
चैदह भुवन एक पति होई । भूतद्रोह तिष्टइ नहिं सोई ।।
गुन सागर  नागर नर जोऊ । अलप लोभ भल कइह न कोऊ ।।

 
Sun Sign Details

Aries

Taurus

Gemini

Cancer

Leo

Virgo

Libra

Scorpio

Sagittarius

Capricorn

Aquarius

Pisces
Free Numerology
Enter Your Name :
Enter Your Date of Birth :
Ringtones
Find More
Copyright © MyGuru.in. All Rights Reserved.
Site By rpgwebsolutions.com