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जानिये क्या आपकी कुण्डली में भी है धन योग

 
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग (Lakshmi Yoga) काफी महत्वपूर्ण होते है। देखिये कि आपकी कुण्डली में धनदायक योग (Dhan yoga in your horoscope) है अथवा नहीं.

पंचमहापुरूष योग :

पंच महापुरूष योग व्यक्ति को धनवान बनाने वाला योग है। कुण्डली में पंच महापुरूष योग तब बनता है जबकि मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र व शनि में से कोई भी ग्रह केन्द्र में स्वगृही, मूल त्रिकोण या उच्च का होकर स्थित हो। यह योग उस स्थिति में तब और बली हो जाता है जबकि एक से अधिक ग्रह शुभ स्थिति में रहकर योग बनते हैं। 

कुण्डली में पंच महापुरूष योग के साथ जन्म लेने वाले व्यक्ति धरती पर वैभव और ऐश्वर्य का आनन्द प्राप्त करते हैं। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना होता है। अगर बाल्यावस्था में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता भी है तो युवावस्था आते आते लक्ष्मी देवी इन पर अपनी कृपा बरसाने लगती है। 

अमला योग :

अमला योग के विषय में ज्योतिषिय मान्यता यह है कि जिस व्यक्ति की कुण्डली में यह योग बनता है वह भले ही गरीब परिवार में जन्मा हो परंतु भाग्य के बल से अपने जीवन काल में यश कीर्ति और धन प्राप्त करता है। कुण्डली में अमला योग उस स्थिति में बनता है जबकि चन्द्रमा से अथवा लग्न से दशम भाव में शुभ ग्रह विराजमान होता है। 

अखण्ड सम्राज्य योग :
धन की दृष्टि से अखण्ड सम्राज्य योग अत्यंत शुभ फलदायी और प्रभावशाली होता है। अखण्ड सम्राज्य योग से प्रभावित व्यक्ति का भाग्य प्रबल रहता है। फलत: गरीबी में भी जन्म लिया हो तो लक्ष्मी की कृपा से दिनानुदिन आर्थिक प्रगति होती रहती है और व्यक्ति अपने जीवन काल में धन वैभव एवं यश प्राप्त करता है। कुण्डली में एकादशेश बृहस्पति हो और द्वितीयेश एवं नवमेश में से कोई एक चन्द्रमा से केन्द्र स्थान में हो तब यह योग बनता है। 

लक्ष्मी योग :

लक्ष्मी योग नाम के अनुसार धन और वैभव प्रदान करने वाला योग है। लक्ष्मी योग से प्रभावित व्यक्ति पर माता लक्ष्मी की कृपा दृष्टि रहती है। इस योग का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। लक्ष्मी योग आपकी कुण्डली में तब बनता है जबकि जन्मपत्री में नवमेश लग्नेश अथवा पंचमेश के साथ युति का निर्माण करता है। 

महालक्ष्मी योग :

लक्ष्मी योग की भांति ही अत्यंत शुभत्व प्रदान करने वाला योग है महालक्ष्मी योग। धन दायक योगो में महालक्ष्मी योग को श्रेष्ठतम योग के रूप में माना जाता है। वह व्यक्ति अत्यंत भाग्यशाली होते हैं जो महालक्ष्मी योग योग के साथ जन्म लेते हैं। अगर इनका जन्म धनहीन परिवार में भी होता है तो इनकी लगन, मेहनत और भाग्य के बल पर दिनानुदिन धन वैभव की वृद्धि होती है और जीवन सुख वैभव से परिपूर्ण होता है। 

भेरी योग :

धनदायक योगों में भेरी योग भी काफी प्रभावशाली और उत्तम होता है। जिस व्यक्ति की जन्म पत्रिका में भेरी योग होता है वह ज्ञानवान और उच्च विचारों वाले होते हैं। अपने उत्तम गुण और व्यवहार के कारण सम्मान व आदर प्राप्त करते हैं। अपने व्यक्तित्व के कारण दिनानुदिन प्रगति की राह पर आगे बढ़ते हैं और लक्ष्मी माता की कृपा प्राप्त करते हैं। इस योग से प्रभावित व्यक्ति निरोग और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होते है। 

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Posted Comments
 
" जीवन में उतारने वाली जानकारी देने के लिए धन्यवाद । कई लोग तो इस संबंध में कुछ जानते ही नहीं है । ऐसे लोगों के लिए यह अत्यन्त शिक्षा प्रद जानकारी है ।"
Posted By:  संतोष ठाकुर
 
"om namh shivay..."
Posted By:  krishna
 
"guruji mein shri balaji ki pooja karta hun krishna muje pyare lagte lekin fir mein kahi se ya mandir mein jata hun to lagta hai har bhagwan ko importance do aur ap muje mandir aur gar ki poja bidi bataye aur nakartmak vichar god ke parti na aaye"
Posted By:  vikaskrishnadas
 
"वास्तु टिप्स बताएँ ? "
Posted By:  VAKEEL TAMRE
 
""jai maa laxmiji""
Posted By:  Tribhuwan Agrasen
 
"यह बात बिल्कुल सत्य है कि जब तक हम अपने मन को निर्मल एवँ पबित्र नही करते तब तक कोई भी उपदेश ब्यर्थ है"
Posted By:  ओम प्रकाश तिवारी
 
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