भारत वर्ष में जहाँ पर धन की प्राप्ति के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं, वही विद्या बुद्दि हेतु माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती हैं। विद्यार्थी वर्ग व ज्ञान के साधक माँ सरस्वती को बसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से नमन करते हैं। यहां पर विभिन्न राशियो के व्यक्तियों हेतु माँ सरस्वती को प्रसन्न का तरीका व उपाय बताये गए हैं। यदि कोई बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा अपनी राशि के अनुसार निम्नलिखित नियमो से करता है तो उसे माँ सरस्वती की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- मेष राशि - बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती को लाल गुलाब का फूल व सफ़ेद तिल चढ़ाये इससे चंचलता व भटकाव से मुक्ति मिलेगी।
- वृष राशि - बुद्दि नियंत्रित रहे इसके लिए वसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती को नीली स्याही वाली कलम और अक्षत चढ़ाये।
- मिथुन राशि - इस दिन सफ़ेद पुष्प और कोई भी पुस्तक माँ सरस्वती को अर्पित करे। ऐसा करने से भ्रम समाप्त होकर बुद्दि प्रखर हो जाएगी।
- कर्क राशि - वसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती को पीले पुष्प, सफ़ेद चन्दन चढ़ाये इससे भावनाए नियंत्रित होंगी।
- सिंह राशि - बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती को कनेर के पुष्प व धान का लावा अर्पित करे विद्या बाधाये नहीं रहेगी।
- कन्या राशि - कलम व दवात सफ़ेद पुष्पों के संग माँ को अर्पित करेंगे तो बुद्दि सही दिशा में चलने लगेगी।
- तुला राशि - माता सरस्वती को आज के दिन नीली कलम और शहद अर्पण करने से मन का भटकाव व आकर्षण समाप्त होगा।
- वृश्चिक राशि - सरस्वती माता को हल्दी की गाठ तथा सफ़ेद वस्त्र अर्पण करे। प्रतियोगिताओ में सफलता मिलने लगेगी तथा आत्मविश्वास बढ़ने लगेगा।
- धनु राशि - माँ सरस्वती को रोली तथा नारियल अर्पण करने से शिक्षा अनवरत चलती रहेगी।
- मकर राशि - चावल से बनी खीर माँ को अर्पित करने से उच्च शिक्षा प्राप्ति के मार्ग खुल जायेंगे।
- कुम्भ राशि - मिश्री का भोग माँ सरस्वती को लगाने से लक्ष्य प्राप्ति में सहायता मिलेगी |
- मीन राशि - सरस्वती माता को बसंत पंचमी को पंचामृत समर्पित करने से अहंकार दूर होगा तथा विन्रमता आएगी।
सभी जातक प्रात:काल स्नान के पश्चात सफ़ेद वस्त्र धारण करके माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख घी का दीप जलाकर अपनी राशि अनुसार वस्तुए अर्पित कर "ऐ सरस्वत्ये नमः" का १०८ बार जाप करे, जिससे विद्या व बुद्दि का वरदान प्राप्त होगा तथा मन की चंचलता व भटकाव दूर होगा।