Subscribe for Newsletter
» चेन्नेकेशवा मंदिर, बेलूर ~ कर्नाटक का प्रसिद्ध मंदिर 

चेन्नेकेशवा मंदिर, बेलूर ~ कर्नाटक का प्रसिद्ध मंदिर

 
चेन्नेकेशवा मंदिर, बेलूर ~ कर्नाटक का प्रसिद्ध मंदिरInformation related to चेन्नेकेशवा मंदिर, बेलूर ~ कर्नाटक का प्रसिद्ध मंदिर.

चेन्नेकेशवा मंदिर, जिसे केशव या विजयनारायण मंदिर भी कहा जाता है, कर्नाटक के बेलूर में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। इसे कर्नाटक का चमकता हुआ आभूषण कहा जाता है। “चेन्नेकेशवा” शब्द का अर्थ है — मनमोहक (चैन्न) विष्णु (केशव)। यह मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी, विशाल संरचना और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

होयसाल वंश और बेलूर का महत्व

होयसाल वंश ने लगभग 320 वर्षों तक दक्षिण भारत में शासन किया। वे कला, साहित्य और धर्म के महान संरक्षक थे।

  • प्रारंभिक राजधानी: बेलूर

  • बाद की राजधानी: द्वारसमुद्र (हालेबिदु)

  • शासन क्षेत्र: कर्नाटक का अधिकांश भाग, तमिलनाडु और आंध्र-तेलंगाना के कुछ हिस्से

होयसाल शासकों ने अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण करवाया, जिनमें बेलूर का चेन्नेकेशवा मंदिर सर्वोत्तम माना जाता है।

चेन्नेकेशवा मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का निर्माण 1117 ईस्वी में राजा विष्णुवर्धन ने चोलों पर विजय की स्मृति में करवाया था। एक मान्यता के अनुसार, यह मंदिर राजा के जैन धर्म से वैष्णव धर्म में परिवर्तन के बाद भगवान विष्णु के सम्मान में बनाया गया।

  • मंदिर निर्माण में 1000 से अधिक कलाकार शामिल थे

  • इसे पूरा होने में लगभग 103 वर्ष लगे

  • रानी शांतालदेवी कला, संगीत और नृत्य की महान संरक्षक थीं

मंदिर की भौगोलिक स्थिति

चेन्नेकेशवा मंदिर कर्नाटक के हसन जिले के बेलूर में यगाची नदी के तट पर स्थित है।

  • हसन से दूरी: लगभग 35 किमी

  • बेंगलुरु से दूरी: लगभग 200 किमी

गोपुरम और प्रवेश द्वार

मंदिर ऊँची दीवारों से घिरा हुआ है और इसमें दो प्रमुख प्रवेश द्वार हैं।

  • पूर्व दिशा में पाँच मंजिला विशाल गोपुरम

  • ऊपर स्वर्ण कलश और देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियाँ

  • गोपुरम का निचला भाग पत्थर से और ऊपरी भाग ईंट-मोर्टार से बना है

मंदिर परिसर और वास्तुकला

चेन्नेकेशवा मंदिर होयसाल वास्तुकला का श्रेष्ठ उदाहरण है।

  • मंदिर की लंबाई: 178 फुट

  • चौड़ाई: 156 फुट

  • 100 से अधिक छोटे मंदिर और सरोवर

  • ब्लैक सोप स्टोन से बनी अद्भुत नक्काशी

मंदिर को इसकी सुंदर मूर्तियों के कारण कलासागर भी कहा जाता है।

मुख्य मंदिर और नवरंग मंडप

मुख्य मंदिर तारा-आकार के जगती मंच पर बना है। इसमें गर्भगृह, सुकानसी और नवरंग मंडप हैं।

  • 48 सुंदर स्तंभ

  • प्रमुख स्तंभ: मोहिनी स्तंभ और नरसिम्हा स्तंभ

  • ब्रैकेट मूर्तियाँ:

    • शुका भाषिणी

    • रानी शांतालदेवी

    • गंधर्व नर्तक

    • आईने के साथ मदनिका

गर्भगृह और मूर्तिकला

गर्भगृह में भगवान विष्णु की 6 फुट ऊँची चतुर्भुज मूर्ति स्थित है। दीवारों पर रामायण, महाभारत और विष्णु अवतारों की कथाएँ उकेरी गई हैं।
लगभग 650 अलग-अलग हाथी नक्काशियाँ मंदिर की बाहरी दीवारों पर देखी जा सकती हैं, जिनमें कोई भी एक जैसी नहीं है।

चेन्नेकेशवा मंदिर बेलूर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह 12वीं शताब्दी की कला, संस्कृति और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का जीवंत प्रमाण भी है। यह मंदिर सैकड़ों वर्षों से अपनी भव्यता और सौंदर्य से दर्शकों को विस्मित करता आ रहा है।


Copyright © MyGuru.in. All Rights Reserved.
Site By rpgwebsolutions.com