सावन महीने के किसी भी सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर भगवान शिव का पूजन करें। इसके पश्चात गेहूं के आटे से ग्यारह शिवलिंग बनाएं। अब प्रत्येक शिवलिंग का शिवमहिम्नस्त्रोत से जलाभिषेक करें। इस प्रकार ग्यारह बार जलाभिषेक करें। उस जल का कुछ भाग पति-पत्नी प्रसाद के रूप में ग्रहण करें और शेष जल किसी नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें। इसके बाद गर्भ की रक्षा के लिए गर्भगौरी रुद्राक्ष भी धारण करें।
तंत्र शास्त्र के अनुसार यह टोटका सही तरीके से करने पर शीघ्र ही संतान की प्राप्ति होती है।

