1. ग्रहण के समय “ ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का 10 माला जप करें इससे ये मंत्र्
सिध्द हो जाता है । फिर अगर किसी का
स्वभाव बिगड़ा हुआ है, बात नहीं मान रहा है, इत्यादि । तो उसके लिए हम
संकल्प करके इस मंत्र् का उपयोग कर सकते हैं ।
2. ग्रहण के समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके 'ॐ नमो
नारायणाय' मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहण शुद्ध होने पर उस घृत को
पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणाशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाकसिद्धि प्राप्त
कर लेता है।

