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दुर्भाग्य दूर करने के लिये उपाय

राई से दरिद्रता निवारण
पैसों का कोइ जुगाड़ न बन रहा हो तथा घर में दरिद्रता का वाश हो तो यह करें: एक पानी भरे घड़े में राई के पत्ते डालकर इस जल को अभिमंत्रित करके जिस भी किसी व्यक्ति को स्नान कराया जाएगा उसकी दरिद्रता रोग नष्ट हो जाते हैं।

 

तोते का उपाय
किसी भी मंगल की शाम एक नर एक मादा तोता लेकर आये और उसे एक रात घर मे रखने के बाद बुधवार की शाम उन्हें हाथ मे लेकर कहे कि जैसे हम तुम्हे आजाद कर रहे है उस तरह आप हमे भी बन्धनो से आजाद करे, फ़िर दोनो तोते को अपने हाथो से आजाद कर दे।

शनिवार के दिन आठ नंबर का जूता (लैदर का) शनि का दान मांगने वाले को ऊँ सूर्य पुत्राय नम: आठ बार कहकर दें।

 

ताले का उपाय

यदि आपको धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत आ रही है, प्रमोशन नहीं हो रहा है या आप अच्छे करियर की तलाश में है तो यह उपाय कीजिए : किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए ! लेकिन ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें ! उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें ! इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें ! शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान पर रख दें ! जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपको अवश्य ही कुछ ना कुछ लाभ होगा।

घर के मंदिर में चांदी के बर्तन नहीं रखने चाहिए यह पितरो के प्रतीक है घर के मं दिर में देवता और पितृ कि पूजा एक साथ नहीं कि जा सकती ना ही दोनों कि फोटो राखी जा सकती है घर के मंदिर में सिर्फ देवी देवता कि मूर्ति या तस्वीर रखी जा सकती है।

दुर्भाग्य निवारण के लिए

कभी-कभी न चाहते हुए भी जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। भाग्य बिल्कुल भी साथ नहीं देता साथ ही दुर्भाग्य निरन्तर पीछा करता रहता है। दुर्भाग्य से बचने के लिए या दुर्भाग्य नाश के लिए यहां हम आपको एक अनुभूत उपाय बता रहे हैं। इसे पूर्ण आस्था के साथ करने से दुर्भाग्य का नाश होकर सौभाग्य में वृद्धि होती है। हमारी या हमारे परिवार के किसी भी सदस्य की ग्रह स्थिति थोड़ी सी भी अनुकूल होगी तो हमें निश्चय ही इन उपायों से भरपूर लाभ मिलेगा।
व्यापार, विवाह या किसी भी कार्य के करने में बार-बार असफलता मिल रही हो तो यह उपाय करें- सरसों के तैल में सिके गेहूँ के आटे व पुराने गुड़ से तैयार सात पूये, सात मदार (आक) के पुष्प, सिंदूर, आटे से तैयार सरसों के तैल का रूई की बत्ती से जलता दीपक, पत्तल या अरण्डी के पत्ते पर रखकर शनिवार की रात्रि में किसी चौराहे पर रखें और मन मे संकल्प करें -हे मेरे दुर्भाग्य तुझे यहीं छोड़े जा रहा हूँ कृपा करके मेरा पीछा ना करना। सामान रखकर पीछे मुड़कर न देखें।

अथवा

१आटे १ नीबू का दिया,
७ लाल मिर्च, ७ लड्डू,
२ बत्ती,
२ लोंग,
२ बड़ी इलायची,
१ बाद अथवा केले का पत्ता।

इन सभी वस्तुओ को लेकर मध्यरात्रि के समय जब घर से निकले तब यह प्रार्थना करें "हे दुर्भाग्य, संकट, विपत्ती आप मेरे साथ चलें और बीच चौराहे पर बङ या केले के पत्ते पर ये सारी चीजें रख दें फिर प्रार्थना करें मैं विदा हो रहा हूँ आप मेरे साथ न आयें, चारों रास्ते खुले हैं आप कहीं भी जायें ये उपाय महीने में दो से तीन बार करके देखें, उपाय लाभकारी है लेकिन श्रद्धा से करें।

प्रतिदिन हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें !

अपनी पहनी हुई चप्पल की जोड़ी किसी गरीब को शनिवार के दिन दान करें यह प्रक्रिया कम से कम 3 बार दोहराये।

सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले इस उपाय को करना है। एक रोटी लें। इस रोटी को अपने ऊपर से 31 बार ऊवार लें। प्रत्येक बार वारते समय इस मन्त्र का उच्चारण भी करें।

ऊँ दुभाग्यनाशिनी दुं दुर्गाय नम:

बाद में यह रोटी कुत्ते को खिला दें अथवा बहते पानी में बहा दें।

शत्रु पक्ष से परेशानी

यदि आपको शत्रु पक्ष से परेशानी हैं तो कर्पूर के काजल से शत्रु का नाम लिखकर अपने पैर से मिटा दें।

शनि दृष्टि दोष दूर करने के लिये

उड़द की दाल के 4 बड़े शनिवार को प्रात: सिर से 3 बार एंटी क्लाकवाइज (उलटा) घुमाकर कौओं को खिलाएं। (सात शनिवार करो)।

 
 
 
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