Rangwali Holi

Rangwali Holi
This year's Rangwali Holi

Tuesday, 26 Mar - 2024

Rangwali Holi Festival in the Year 2024 will be Celebrated on Tuesday, 26th March 2024

रंगों का त्यौहार, होली भारतवर्ष का ही नहीं अपितु पूरे विश्व का भी एक अद्भुत पर्व है। जिसका महत्व विदेशो तक में है, यह पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। भारत के अन्य त्योहारों की तरह ही, होली भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। 

हिंदुओं का एक लोकप्रिय त्यौहार, जिसे दुनिया भर में सराहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, होली का त्यौहार फाल्गुन माह (पूर्ण-मार्च) की पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र ) को मनाया जाता है। लोग एक-दूसरे के चेहरे पर रंग लगाते है और एक-दूसरे को "शुभ होली" कहकर शुभकामना देते हैं।

होली के विभिन्न क्षेत्रों में अलग अलग नाम :

फगवा (असम में)

फेस्टिवल ऑफ़ कलर्स (अंग्रेजी में)

दक्षिण भारत में वसन्त उत्सव

उत्तर भारत में धुलेंडी

गोवा में सिग्मो

महाराष्ट्र में शिमगा

बंगाली व् उड़िया में डोलजात्रा

इन्ही नामों की तरह, होली, जिसे संस्कृत में धूली के रूप में भी जाना जाता है, जिसके धुलहट्टी, धुलंडी या धुलेंडी आदि और भी कई नाम है। होली का उत्सव सिर्फ धार्मिक व् सांस्कृतिक विशेषता के कारण ही नहीं अपितु अपने चिकित्सीय  लाभों की वजह से भी काफी प्रख्यात हैं। 

इस समय के दौरान मौसम परिवर्तन होता है और मौसम के बदलाव में बीमारियों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं इसलिए लोग एक-दूसरे पर हल्दी, नीम, कुम-कुम, केसर और बिल्व जैसे औषधीय रंग लगाकर उन बीमारियों से बचा करते हैं। इस प्रकार, ये दवा प्राकृतिक और चमत्कारिक है और रंग विभिन्न रोगों से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं।

होली सभी आयु वर्गों के लोगों का एक पसंदीदा त्यौहार है और विशेष रूप से, दोस्तों, पति-पत्नी, देवर (पति का भाई)  - भाभी (भाई की पत्नी) के साथ मनाया जाने वाला सबसे प्रमुख पर्व हैं। इन दिनों, हर कोई अन्य दसरे व्यक्ति को रंग लगाने के लिए कुछ विशेष तरकीबें अपनाने की कोशिश करता है और रंग लगाने के बाद लोग कहते हैं, "बूरा ना मानो होली है"। बेटे, बहू और बच्चे परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के पैरों में अबीर-गुलाल लगाते हैं और फिर उनके पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेते हैं।

होली भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह से मनाई जाती है। इस अवसर पर कई क्षेत्रीय गीत, संगीतमय नाटक और नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं। दिन के समय में रंग खेलने के बाद, रात में लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और बधाई स्वरुप मिठाइयों तथा व्यंजनों का लेन - देन करते हैं। विशेषकर उत्तर भारतीय क्षेत्र में गुजिया तैयार की जाती है।

मथुरा, वाराणसी और बरसाना कुछ प्रसिद्ध स्थान हैं और वहां उनकी अपनी विशेष प्रकार की होली खेली जाती है। वृंदावन भगवान कृष्ण का पवित्र स्थान है। बरसाना की डांडिया (बांस) होली भी प्रसिद्ध है। बरसाना में इस दिन, महिलाएं बांस की डंडियों से पुरुषों को मारती हैं और घूंघट करके अपना चेहरा छिपाती हैं; साथ ही पुरुष ढाल से खुद को बचाते हैं।

इस दिन पूरा देश दोस्ती और प्यार के रंग में रंग जाता है। यह सबसे बड़ा पर्व है जो सभी धर्मों द्वारा मनाया जाता है।

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Holi, the festival of colors, is a wonderful festival not only of India but also of the whole world, which has importance in foreign countries, this festival is celebrated with Zeal and enthusiasm. 

Like other festivals in India, Holi symbolizes the victory of good over evil. A popular Hindu festival, which is appreciated worldwide. According to the Hindu calendar, the festival of Holi is celebrated on the full moon (full moon) of Phalgun month (Purna-March). People apply color on each other's face and wish each other "Happy Holi".


Different Names in Different Regions of Holi

Phagwa (in Assam)

Festival of Colors (in English)

Spring Festival

Dhulendi in North India

Sigmo in Goa

Shimga in Maharashtra

Doljatra in Bengali and Oriya

Like these names, Holi, also known as Dhuli in Sanskrit, has many names like Dhulhatti, Dhundi or Dhulendi. The celebration of Holi is quite famous not only because of its religious or cultural characteristics, but also for its medical benefits. 

During this time, there is a change in the weather and the change in the weather increases the chances of diseases, so people apply medicinal colors like turmeric, neem, kum-kum, saffron and bilva to protect them from diseases. Thus, this medicine is natural and miraculous and colors protect our body from various diseases.

Holi is a favorite festival of all age groups and is the most prominent festival of sisters-in-law, brother-in-law, especially among friends, husband and wife. These days, everyone tries to apply some special tricks to apply color to someone else and after applying the color people say, "Boora na maano holi hai". The son, daughter-in-law and children place Abir-Gulal on the feet of senior members of the family and then touch their feet and seek blessings from them.

Holi is celebrated differently in different parts of India. Many regional songs, musical plays and dances are performed on the occasion. After playing colors during the day, people meet each other at night and exchange sweets and dishes as a compliment. Gujiya is prepared especially in North Indian region.

Mathura, Varanasi and Barsana are famous places and their own special type of Holi is played there. Vrindavan is the holy place of Lord Krishna. Barsana's Dandiya (Bamboo) Holi is famous. On this day in Barsana, women kill men with bamboo sticks and veil and hide their faces; And men protect themselves from shields.

On this day, the whole country is colored in the color of friendship and love. It is the biggest festival celebrated by all religions.

 
 
 
 
 
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Moments that have been attached in my heart forever
Make me Miss You even more this Navratri.
Hope this Navratri brings in Good Fortune

 
 
 
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